अपराधबिहारब्रेकिंग न्यूज़

बिहार में डॉक्टर ने खुद क्यों बनाई एक करोड़ की रंगदारी वाली कहानी? 3 गिरफ्तार

गयाजी के अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के न्यूरो सर्जरी विभाग के एचओडी डॉ. सत्येंद्र कुमार ने एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने की प्राथमिकी दर्ज कराई थी. सात जनवरी को उन्होंने इस मामले में पुलिस से शिकायत तो की लेकिन अब मामला पलट गया है. इसकी साजिश खुद डॉक्टर सत्येंद्र कुमार ने रची थी. शनिवार (17 जनवरी, 2026) को पुलिस ने इसका खुलासा कर दिया.

सिटी एसपी कोटा किरण कुमार ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि डॉक्टर ही मुख्य आरोपी है. इस मामले में मुंबई से मो. नौशाद अहमद और इरशाद अहमद को गिरफ्तार किया गया है. ये दोनों डॉक्टर के कंपाउंडर हैं.

निजी नर्सिंग होम भी चलाते थे सत्येंद्र कुमार

उन्होंने बताया कि डॉक्टर सत्येंद्र कुमार अपना निजी नर्सिंग होम भी चलाते थे. नर्सिंग होम के लिए बिल्डिंग को किराए पर लिया था. किराया का पैसा बकाया होने पर अपनी पत्नी से पैसा लेने के लिए उन्होंने यह साजिश रची थी. डॉक्टर और उनकी पत्नी विभा देवी के बीच पिछले कई वर्षों से अच्छा संबंध नहीं था. डॉक्टर सत्येंद्र कुमार और मो. नौशाद बराबर के पार्टनर थे. कॉल डिटेल्स के आधार पर पुलिस ने मुंबई से नौशाद और इरशाद को पकड़ा गया. अब डॉक्टर सहित तीनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है.

बता दें कि सत्येंद्र कुमार की पत्नी विभा कुमारी के मोबाइल फोन पर धमकी देकर पैसे की मांग की गई थी. इसके बाद मगध मेडिकल थाने में डॉक्टर ने आवेदन दिया था. आवेदन के अनुसार पहली धमकी 27 दिसंबर (2025) की रात 8 बजे दी गई. इसके बाद 31 दिसंबर की शाम 7.30 बजे दी गई. फोन करने वाले ने खुद का नाम भगत सिंह बताया था. कहा था कि एक करोड़ दो नहीं तो बीवी गई. इसके बाद पूरे परिवार में दहशत का माहौल था. इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मगध मेडिकल थाने में प्राथमिकी (11/26) दर्ज की गई थी. अब जो खुलासा हुआ है उसने सबको हैरान कर दिया है.

Rate this post
Show More

Related Articles

Back to top button